फसल बीमा से आखिर क्यों चौपट हो रही हैं फसलें?

फसल बीमा से आखिर क्यों चौपट हो रही हैं फसलें?

छत्तीसगढ़ के तिल्दा के निकट सासाहोली गाँव में एक किसान हरिराम यदु के द्वारा दो एकड़ में लगाया गया धान खराब हो गया था जिसकी क्षतिपूर्ति के तौर पर बीमा कंपनी द्वारा सिर्फ 7 रूपए 38 पैसा दिया गया। जबकि हरिराम यदु को उम्मीद थी कि धान लगाने का पैसा तो कम से कम मिल जाएगा। Continue reading फसल बीमा से आखिर क्यों चौपट हो रही हैं फसलें?