मुझे ब्लू फिल्म की नायिका से प्रेम है

sexy-sad-girl-wallpaper

मै तो उसका नाम तक नहीं जानता, ना ही उसके देश का कुछ पता है. वो कौन सी बोली बोलती है मुझे नहीं मालूम. लेकिन हां मै उससे प्यार करता हूं, बेहद प्यार…

शायद 10वीं में था जब पहली बार उससे मिला. हाथों की उंगलियां कच्ची ही थी लेकिन दिल ना जाने क्यों जवां होने को मजबूर था. मुझे याद है बेहद छोटे से मोबाइल में क्लास की सबसे पीछे वाली बेंच पर कुछ उत्पाती लड़को का झुंड सिर टिकाए खड़ा था. मै भी उस झुंड में जा घुसा. काफी मशक्कत के बाद मेरी एक आंख उसके आधे शरीर को देख पायी थी. उस एक पल ने ही मुझे उसका दीवाना बना दिया. उसका जो अंग मैने देखा, शायद उसकी टांगों का कोई भाग था, मन में ऐसे समा गया कि फिर कभी भुला ना पाया. शायद इसे ही पहली नजर का प्यार कहते हैं. उसे प्यार करने की वजह सिर्फ उसका शरीर नहीं था. वह शरीर तो हर रोज बदल जाता, उसे प्यार करने की इच्छा इसलिए उठने लगी क्योंकि वह हर तरह से मेरे सामने बेपर्दा थी. बिना किसी श्रृंगार के भी वह अद्भुत सौंदर्य लिए थी. उसका सौंदर्य किसी कवि की कविता से परे और किसी उपन्यासकार के शब्दों से जुदा था. वह ना तो शायराना लफ्जों में बांधा जा सकने योग्य और ना ही किसी संगीत में पिरोने लायक था.wgut3yb
उसकी वो हिरणी सी निगाहें जिसकी पलकों पर काला मसकारा चमक रहा था, ना जाने क्यों हमेशा एक बैचेनी लिए रहती. वो लाल सुर्ख होंठों पर दिखती भीतरी नमी, हर एक चुंबन पर जाने कितनी जामों का नशा समाए हुए थी. अनजाने हाथों के बीच पिसती उसकी वक्षस्थल की गहराइयां उन हाथों को कितना सुकून देतीं, समझना मुश्किल है. मेरे सम्मुख वह नग्न थी पूरी तरह, उसके शरीर के हर ढांचे से मै परिचित था. ना उसने कभी अपने संबंधों को छिपाया ना ही कोई मुखौटा ओढ़ने का प्रयास किया. कमरों के भीतर या यूं कहें कि हर मन के भीतर चलने वाली गतिवधियों को बेपर्दा करने वाली वह अकेली नायिका थी. छिपी हुई कुंठाओं को उजागर करना उन्हे संतुष्ठी की पराकाष्ठा तक ले जाने वाले सफर की वह अत्यंत जुर्बेकार सहयात्री थी. वह मेरी हर राज की हमराज बनने लगी थी। वे बातें जो मै जन्म देनी वाली मां, मेरा पहला कदम संभालने वाले पिता और एक थाली में खाने वाले भाई-बहनों से ना कह पाता, उससे बेछिछक कह देता.भले ही मुझे कभी प्रतिउत्तर ना मिला लेकिन संचार की इस अनोखी कड़ी में संतुष्ठि की प्रतिपुष्ठी अवश्य प्राप्त हो जाती. उसके हुनर का आंकलन उसके नाजुक जिस्म से नहीं होता, लगातार बदलते सफर के यात्रियों के साथ वह एक सा व्यवहार करती. वह मुझे सिखलाती कि अपने पेशे में इमानदारी का अंतिम चरण क्या हो सकता है. जब हर जगह से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाजें उठतीं तो मुझे हर मोर्चे पर मेरी यह नायिका सबसे आगे प्रतीत होती. crying-girl-wallpaper-8
फिर भी वह मेरे समाज में अश्लील है, उसे मिलने के लिए मुझे अकेले कोने खोजने पड़ते हैं.  एक ऐसा समाज जहां खुलेआम किसी का आलिंगन करना भी सामाजिकता का हनन हो जाता, वहां  इस अकेली योद्धा के प्रति मेरा प्रेम लगातार बढ़ता ही जा रहा है. रोज उसके एक नए रूप से परिचित हो रहा हूं, उम्मीद है यह समाज भी मेरी इस प्रेमिका की तरह कभी ना कभी खुद को बेपर्दा करने की हिम्मत करेगा.

Advertisements

4 thoughts on “मुझे ब्लू फिल्म की नायिका से प्रेम है

  1. सुंदर विवरण नायिका के सौंदर्य का , बहुत ख़ूबसूरत विवरण है और जहाँ तक रहा सवाल उनके अश्लील होने का तो जानिए की उनके ये कर्म जाने कितने बच्चों की युवकों की बुद्धि भ्रष्ट करे देती है । जो परोसा जा रहा है उसे पा ने से सोच में कैसी खोट आजाती है वह हमसे पूछिए । आप जैसे सब नहीं जो नारी को सम्मान दें एक ब्लू फ़िल्म में भी । यहाँ छील कव्वे बैन कर नज़रों से ही नोच लेते हैं । सो समाज के उत्थान के लिए मर्यादा होना ज़रूरी है

    Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s